छत्तीसगढ़ में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना
गया। महिलाओं को सहेली सोशल वेलफेयर फाउंडेशन स्वयं सहायता समूह नवागढ़, जिला बेमेतरा के विशेष सहयोग से पैरा आर्ट से विभिन्न कलाकृतियों को बनाने की ट्रेनिंग दी गई। पैरा से बनने वाले कलाकृतियों की बाजार में खूब डिमांड है। पैरा आर्ट के तहत कलाकृति बनाने का खर्च बहुत कम होता है। एक बार पूर्ण हो जाने के पश्चात् कलाकृति उंचे दामों में बिक्री होती है। जिले में कुल 27 महिलाओं को पैरा आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्हें प्रशिक्षण देकर आजीविका के नये साधन प्रशिक्षण प्राप्त कर जिले के महिलाएं विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों का निर्माण कर स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है। विभाग द्वारा ऐसे प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को सक्षम व ऋण योजना के तहत सहायता प्रदान कर उन्हें पेरा आर्ट से बाजार उपलब्ध कराते हुए उन्हे आत्मनिर्भर व स्वालंबी बनाये जाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
रायपुरः सफलता की कहानी-एनीमिया (खून की कमी)
इस कार्यक्रम के तहत एनीमिया से पीडित किशोरी बालिकाओं को उनके खान-पान में बदलाव लाने और सही दिनचर्या को अपनाने की सलाह दी गई जिसके फलस्वरुप अब वह एनीमियां मुक्त जीवन जी रही है।
जंजगीर-चम्पाः सफलता की कहानी- ‘सुपर गर्ल’ शीर्षक के तहत कार्यक्रम का आयोजन
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यकम के अंतर्गत जंजगीर-चम्पा जिले में निरंतर प्रचार-प्रसार करते हुए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, शिक्षा विभाग के समन्वय से सभी शालाओं में पहली कक्षा से बारहवी कक्षा तक पढ़ने वाली बालिकाओं एवं महाविद्यालयों के छात्राओं में उनके अंदर कलात्मक प्रतिभा को उभारने हेतु सुपर गर्ल थीम पर 164 संकुल, 5 ब्लॉक एवं जिला स्तर पर नृत्य प्रतियोगिता, गायन प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, वादयंत्र प्रतियोगिता, कविता पाठ प्रतियोगिता, आदि विभिन्न कार्यक्रमों में कुल 7 विधाओं का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 45,000 बालिकाएँ सम्मिलित हुए थे एवं विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 10,332 बालिकाओं को सम्मानित किया गया।
बीजापुरः सफलता की कहानी- माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर जागरुकता
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अंतर्गत किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर जागरुकता प्रस्तावना कार्यक्रम अंतर्गत बीजापुर जिले में माहवारी स्वच्छता हेतु एक कदम आगे बढ़ाते हुए, महिला एवं बाल विकास विभाग (जिला प्रशासन बीजापुर) द्वारा माहवारी स्वच्छता अभियान के रूप में मनाया गया।
माहवारी स्वच्छता माह का उद्देश्य समाज में माहवारी से जुडी भ्रांतियों और मिथकों को दूर कर, महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ माहवारी प्रबंधन को प्रोत्साहित करना है। इस अभियान के तहत, माहवारी स्वच्छता के महत्व को समझाते हुए जागरूकता फैलाना, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, और शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना शामिल है। साथ ही, विभिन्न गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से, इस पहल का उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना और महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य और गरिमा को सुनिश्चित करना है।
बीजापुर जिले में सभी ब्लॉकों में स्वयंसेवकों तथा विभिन्न विभागों द्वारा माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरुकता बढ़ाने और सुधार के उद्देश्य से अनेक गतिविधियाँ आयोजित किया जा रहा है। जागरुकता बढ़ाने वाले इस माह के दौरान लाखों महिलाओं और लड़कियों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के महत्व के बारे में जानकारी मिली है। विभिन्न क्षेत्रों में माहवारी स्वच्छता उत्पादों की पहुंच में सुधार हुआ है। जिससे महिलाओं को सुरक्षित और स्वस्थ माहवारी का अनुभव हो रहा है। कई सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों ने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के लिए नई नीतियों और कार्यक्रमों की शुरुआत की है।